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Anahat singh biography in Hindi Anahat Singh age family education net worth अनाहत सिंह: भारत की पहली World Junior Squash Champion बनने की प्रेरणादायक कहानी
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अनाहत सिंह: भारत की पहली World Junior Squash Champion बनने की प्रेरणादायक कहानी

Squash एक ऐसा खेल है जिसमें court बेहद छोटा होता है, मगर उस चार दीवारी के भीतर जो speed, जो reflex और जो मानसिक दबाव झेलना पड़ता है, वो किसी भी athlete की असली परीक्षा ले लेता है। भारत में यह खेल अभी भी cricket और badminton जैसा mainstream नहीं बन पाया, लेकिन पिछले कुछ सालों में एक 18 साल की दिल्ली की लड़की ने इस खेल को हर घर की जुबान पर ला दिया है। जुलाई 2026 में canada के छोटे से शहर Niagara-on-the-Lake में जब अनाहत सिंह ने World Junior Squash Championship का खिताब अपने नाम किया, तो सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं जीती उन्होंने मिस्र (Egypt) के 15 साल पुराने दबदबे को तोड़ा और भारत के लिए वो इतिहास रच दिया जो पिछले दो दशकों से किसी भारतीय के इंतज़ार में था।

यह article अनाहत सिंह की पूरी journey को कवर करता है बैडमिंटन से स्क्वैश तक के सफर से लेकर उनकी World Junior Championship की ऐतिहासिक जीत तक।

📌 एक नज़र में: अनाहत सिंह की प्रोफाइल

👤 पूरा नाम
अनाहत सिंह (Anahat Singh)
🎂 जन्म तिथि
13 मार्च 2008
📍 जन्म स्थान
नई दिल्ली
उम्र
18 साल (2026 तक)
📏 हाइट
1.65 मीटर (करीब 5 फीट 5 इंच)
⚖️ वजन
करीब 45 किलोग्राम
🎾 खेल
Squash (Women's Singles और Doubles)
Handedness
दाहिने हाथ से खेलती हैं
🚀 Pro Career की शुरुआत
2023
🏆 Career-high Ranking
World No. 19 (फरवरी 2026)
👨‍🏫 Coaches
सौरव घोषाल, Stéphane Galifi, Grégory Gaultier
🏫 स्कूल
The British School, नई दिल्ली

Family Background पारिवारिक पृष्ठभूमि: एक Sports-friendly घर की देन

अनाहत का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ जहां खेल कोई अजनबी चीज़ नहीं था। उनके पिता गुरशरण सिंह पेशे से lawyer हैं, जबकि मां तानी वढेरा एक interior designer हैं। दोनों parents अपने ज़माने में field hockey खेल चुके थे, और परिवार में चाचा tennis खेलते थे। यानी घर का माहौल पहले से ही sports की तरफ झुका हुआ था।

अनाहत की बड़ी बहन अमीरा सिंह भी एक शानदार squash player रह चुकी हैं। अमीरा देश की top-rated under-19 players में शुमार थीं और बाद में Harvard University से graduation करते हुए वहां की women's squash team के लिए भी खेलीं। इसी sports-friendly माहौल ने अनाहत को बचपन से ही खेलों की तरफ खींचा।

From badminton to squash: वो मोड़ जिसने पूरी कहानी बदल दी

दिलचस्प बात यह है कि अनाहत का पहला प्यार squash नहीं, badminton था। महज पांच साल की उम्र में उन्होंने दिल्ली के इंडिया ओपन में पी.वी. सिंधु को खेलते देखा और उसी पल olympic gold का सपना पाल लिया। उन्होंने बैडमिंटन खेलना शुरू किया और दिल्ली लेवल के कुछ junior tournaments भी जीते।

लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंज़ूर था। बहन अमीरा जब squash tournaments के लिए travel करतीं, तो अनाहत अकेली घर पर न रहने की वजह से उनके साथ कोर्ट पर जाने लगीं। धीरे-धीरे इस खेल की रफ्तार, इसकी strategy और उसका intensity उन्हें अपनी तरफ खींचने लगा। आठ साल की उम्र आते-आते उन्होंने बैडमिंटन को पूरी तरह अलविदा कह दिया और स्क्वैश को अपना career बना लिया। आज भी वो सिंधु की बड़ी fan हैं, लेकिन उनका Passion अब हमेशा के लिए squash court से जुड़ चुका है।

Education and Sports (पढ़ाई और खेल का balance)

International tournaments और लगातार travel के बावजूद अनाहत ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के जाने-माने The British School से पूरी की है। स्कूल के दिनों से ही उन्होंने academics और sports के बीच एक मुश्किल मगर मजबूत तालमेल बिठाया।

Junior career: कम उम्र में बड़े रिकॉर्ड्स (2019–2023)

अनाहत की प्रतिभा सबसे पहले 2019 में सामने आई, जब उन्होंने प्रतिष्ठित British Junior Open में under-11 category का gold medal जीता यह किसी भारतीय के लिए इस category में पहली बार था। उसी साल उन्होंने Asian Junior Championships में bronze medal भी अपने नाम किया।

2020 में Covid-19 की मार से ठीक पहले उन्होंने British और Malaysian Junior Open में silver medals जीते। महामारी के बाद उनकी वापसी शानदार रही 2021 में Philadelphia में हुए US Junior Open (under-15) का title जीतकर वो इस category में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

2022 उनके career के लिए एक और अहम साल था German और Dutch Junior Open titles के साथ-साथ उन्होंने Thailand में हुई Asian Junior Squash Championships (under-15) में भी gold medal जीता। इसके अगले साल यानी 2023 में चीन के डालियान में हुई Asian Junior Individual Championships (under-17) में भी उन्होंने gold पर कब्ज़ा जमाया।

Commonwealth Games और Asian Games: सीनियर स्टेज पर एंट्री

Commonwealth Games 2022 (बर्मिंघम): महज 14 साल की उम्र में अनाहत भारतीय दल की सबसे कम उम्र की सदस्य थीं। अपने पहले ही senior-level मुकाबले में उन्होंने round off 64 में St Vincent and the Grenadines की जाडा रॉस को हराकर धमाकेदार debut किया।

Asian Games 2023 (हांग्जो): यहां अनाहत ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। उन्होंने अभय सिंह के साथ mixed doubles में और महिला team event में कुल दो bronze medals जीते। इस उपलब्धि के साथ वो सिर्फ 15 साल 6 महीने की उम्र में Asian Games की सबसे कम उम्र की भारतीय मेडलिस्ट बन गईं, हालांकि यह रिकॉर्ड बाद में एक दूसरी एथलीट ने तोड़ दिया।

PSA Tour पर दबदबा: 2024 का धमाकेदार साल

2023 में नवंबर महीने में अनाहत ने पहली बार Senior National Championship का title जीता। इसके बाद उन्होंने लगातार 2024 और 2025 में भी यह खिताब अपने नाम रखा यानी लगातार तीन साल national champion बनने का "hat-trick" पूरा किया।

लेकिन असली धमाका उन्होंने 2024 में PSA (Professional Squash Association) Tour पर मचाया। इस साल उन्होंने कुल नौ PSA Challenger titles जीते और 2010 के बाद Nicol David के बाद ऐसा करने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं। साल का अंत उन्होंने 38-2 के शानदार win-loss record के साथ किया और world's top-100 rankings में entry ली।

Top-20 Ranking में entry: Squash on Fire Open की ऐतिहासिक जीत

फरवरी 2026 वो महीना था जब अनाहत का career पूरी तरह बदल गया। Washington में हुए Squash on Fire Open में उन्होंने top seed और World No. 10 इंग्लैंड की Georgina Kennedy को 12-10, 11-5, 11-7 से हराकर अपना पहला PSA Bronze-level title जीता यह उस वक्त तक उनके करियर का सबसे बड़ा खिताब था। इस जीत के साथ वो World No. 19 पर पहुंच गईं और मलेशिया की legend Nicol David का रिकॉर्ड तोड़ते हुए top-20 rankings में entry लेने वाली सबसे कम उम्र की एशियाई महिला खिलाड़ी बन गईं।

इसी साल उन्होंने Mumbai के CCI Brabourne Stadium में Indian Open 2026 का title defend करते हुए Egypt की Hana Moataz को हराया यह उनका 16वां PSA title था।

अनाहत ने अपने career में India की पहली Squash World Cup जीत में भी अहम भूमिका निभाई, जहां उन्होंने चेन्नई में अभय सिंह, जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार के साथ मिलकर टीम को gold दिलाया। इसके अलावा उन्होंने Asian Championships में women's doubles और mixed doubles में भी gold medals जीते हैं।

जुलाई 2026: वो पल जब इतिहास लिखा गया

7 जुलाई 2026 को कनाडा के Niagara-on-the-Lake में हुई World Squash Junior Championships 2026 अनाहत के करियर का सबसे बड़ा अध्याय साबित हुई। Top seed के तौर पर उतरीं अनाहत ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ दो games गंवाए और फाइनल में मिस्र की दूसरी seed Ruqayya Salem को सीधे 3-0 (11-3, 11-7, 11-9) से हराकर gold medal जीता।

यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक थी मिस्र का इस event पर 15 साल से दबदबा था, जो अनाहत ने तोड़ा। साथ ही उन्होंने 2005 में जोशना चिनप्पा की runner-up finish को पीछे छोड़ते हुए इस tournament में भारत का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन दर्ज किया। जीत के बाद अनाहत ने कहा, "मुझे अब भी लग रहा है जैसे मैं सपना देख रही हूं। पिछले चार साल से मैं इसी टूर्नामेंट में semis और quarters में हारती आई थी, यह मेरे लिए हमेशा एक 'curse' जैसा रहा। यह मेरा आखिरी junior year था और यह मेरा एकमात्र मौका था।"

गौरतलब है कि 2025 में काहिरा में हुई पिछली edition में अनाहत ने bronze medal जीता था, जिसने भारत का 15 साल का पदक-सूखा खत्म किया था। इस बार वो एक कदम और आगे बढ़ीं और gold तक पहुंच गईं। जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़ी हस्तियों ने उन्हें बधाई दी।

🏆 Awards और सम्मान

अनाहत सिंह की शानदार उपलब्धियों को कई बड़े राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्लैटफ़ॉर्म्स पर सराहा गया है:

🏆
PSA Awards Young Player of the Year और Challenger Player of the Year का सम्मान
🥇
Times of India Sports Award Women's Squash Player of the Year
🎖️
Asian Squash Federation Award Junior Competitions में Outstanding Performance के लिए सम्मान
🌟
PSA Honor PSA Player of the Month अवॉर्ड
🤝
Sponsorship Support उन्हें JSW Sports का समर्थन प्राप्त है, जो उनके प्रोफ़ेशनल करियर को स्पॉन्सर करता है।

Net weight और कमाई

अनाहत सिंह की exact net worth या personal income को लेकर कोई official और सार्वजनिक data उपलब्ध नहीं है। चूंकि वो अभी सिर्फ 18 साल की हैं और अपने career के शुरुआती मगर बेहद तेज़ी से बढ़ते चरण में हैं, इसलिए उनकी financial details अभी public domain में साफ तौर पर सामने नहीं आई हैं। उनकी मुख्य कमाई का जरिया tournament prize money, brand endorsements और sponsorship support है।

Vision: LA 2028 Olympics पर निगाहें

2028 के Los Angeles Olympics में squash पहली बार आधिकारिक तौर पर शामिल किया जा रहा है, और भारत की सारी उम्मीदें अनाहत सिंह पर टिकी हैं। जिस तरह उन्होंने एक के बाद एक milestones पार किए हैं Commonwealth Games से लेकर Asian Games, PSA Tour dominance से लेकर World Junior Championship का gold उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले सालों में वो भारत की सबसे बड़ी medal उम्मीदों में से एक होंगी।

अनाहत सिंह की यह पूरी journey इस बात का सबूत है कि अगर पक्का इरादा, कड़ी मेहनत और घर से support मिले, तो कम उम्र में भी बड़े-बड़े सपने हकीकत में बदले जा सकते हैं।

FAQ: अनाहत सिंह से जुड़े सवाल-जवाब

Q अनाहत सिंह कौन हैं?
A दिल्ली की एक professional squash player, जो 2026 में World Junior Squash Championship जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
Q अनाहत सिंह की उम्र कितनी है?
A 13 मार्च 2008 को जन्मी अनाहत 2026 तक 18 साल की हैं।
Q अनाहत सिंह की current ranking क्या है?
A फरवरी 2026 में उन्होंने career-high World No. 19 ranking हासिल की थी।
Q अनाहत सिंह ने squash क्यों चुना?
A बचपन में बैडमिंटन खेलती थीं, लेकिन बहन अमीरा के साथ squash कोर्ट जाते-जाते उन्हें यह खेल पसंद आने लगा और 8 साल की उम्र में उन्होंने इसे अपना career बना लिया।
Q अनाहत सिंह की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?
A जुलाई 2026 में World Junior Squash Championship का gold medal जीतना — यह उपलब्धि हासिल करने वाली वो पहली भारतीय खिलाड़ी हैं।
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